अनुभूति का सत्य

एक दिन वह भी आयेगा जब भारत के ऋषि मुनियों के संकल्प से पोषित और सिद्ध “ ब्रह्मांड के निर्माण , हिरण्यगर्भ की परिकल्पना , आत्मा की स्थिति और आत्मवत सर्वभूतेषु का विचार कोरी कल्पना नहीं वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध होगा” |आज की  खोज से “ ॐ” की ध्वनि की वैज्ञानिक मान्यता प्रमाणित होगी और मंत्र व संकल्प के वैज्ञानिक महत्व की ओर लोगों का ध्यान जाएगा|

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